Wednesday, November 30, 2022
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पुरानी कृषि उपज मंडी मेंं रूप लेगा किसान मॉल व उपभोक्ता बाजार, निर्माण की हुई शुरुआत, पांच करोड़ होगा खर्च


निर्माण में 5 करोड़ रुपए होगा खर्च, किसानों को मिलेगी सुविधा
महासमुंद। शहर के मध्य वर्षो से खाली पड़ी पुरानी कृषि उपज मंडी की जमीन में जल्द ही किसान मॉल और उपभोक्ता बाजार रूप लेगा। मंडी बोर्ड से मिली स्वीकृति और टेंडर प्रकिया के बाद निर्माण शुरु हो गया है।
    मंडी बोर्ड से मिली जानकारी के अनुसार करीब 5 करोड़ रुपए की लागत से बनाए जा रहे किसान मॉल व उपभोक्ता बाजार के निर्माण के लिए एक वर्ष की समय सीमा रखी गई है। निर्माण कार्य द्रुत गति से चला तो शहरवासियों और किसानों को आगामी अक्टूबर माह तक इसकी सौगात मिल जाएगी। यहां दो तरह से व्यावसायिक परिसर होगा जिसमें किसानों के लिए उपभोक्ता बाजार और किसान मॉल होगा जहां कृषि उपकरण सहित अन्य तरह की कृषि सामग्री और अन्य चीजों की दुकानें होगी। बता दें कि शहर में पिछले 20 सालों से शहर के मध्य खाली पड़ी करोड़ों रुपए की जमीन पर शासन द्वारा लंबे समय से कई योजनाएं बनाई जा रही थी जिसें अब मूर्त रुप दिया जा रहा है।
जानिए कैसा होगीं दुकानें और क्या होगी सुविधा
मंडी बोर्ड से मिली जानकारी के अनुसार पुरानी कृषि उपज मंडी परिसर में बनाए जा रहे किसान मॉल और उपभोक्ता बाजार में 61 दुकानों का निर्माण प्रस्तावित है। जिसमें दो तरह से निर्माण किया जा रहा है। व्यावसायिक परिसर में कुल 27 दुकानें बनाई जा रही है जिसमें प्रत्येक दुकानों की साइज 1530 की है। इसमें करीब 3 करोड़ रुपए की लागत लगाई जा रही है। वही उपभोक्ता बाजार में कुल 44 दुकानों का निर्माण होगा जहां प्रत्येक दुकानों की साइज 1010 की है। इसके लिए करीब 2 करोड़ रुपए खर्च किया जा रहा है। यहां ग्राहकी के लिए आने वाले किसानों और नागरिकों के लिए पार्किंग और सडक़ के साथ टायलेट, बाथरुम व पेयजल की मूलभूत सुविधाएं भी मिलेगी।
जमीन खाली होने से हो रहा था दुरुपयोग
नई मंडी का निर्माण पिटियाझर में कराए जाने के बाद गंजपारा स्थित पुरानी कृषि उपज मंडी की जमीन खाली पड़ी थी। जिसका कई तरह से दुरुपयोग किया जा रहा है। मंडी में फटाखा दुकानों के साथ, सरकारी कार्यक्रम के लिए वाहन पार्किंग स्थल के रुप में किया जा रहा था वहीं लकड़ी टॉल और वैवाहिक कार्यक्रमों में आशीवार्द समारोह के लिए इसका उपयोग किया जा रहा था। इससे मंडी किसी प्रकार से आर्थिक लाभ नहीं मिल रहा था।  

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