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यंहा सरपंच की आर्थिक अनियमितता हुई प्रमाणित, प्रशासन ने किया पदच्युत

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महासमुंद। लाखों की वित्तीय अनियमितता पाए जाने पर अनुविभागीय अधिकारी राजस्व महासमुंद ने ग्राम पंचायत कांपा के सरपंच गजानंद साहू को धारा 40 छग पंचायत राज अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए सरपंच पद से पृथक कर दिया है। इस संबंध में जारी आदेश में कहा गया है कि सरपंच पर अपने रिश्तेदारों को आर्थिक लाभ पहुंचाते हुए शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाकर स्वयं को लाभान्वित करने का आरोप था जो जांच में सही सिद्ध हुआ।
कांपा के पंच सुरेंद्र दुबे एवं अन्य 6 पंचों ने सरपंच गजानंद साहू के विरूद्ध बिना काम कराए शासकीय राशि का आहरण कर गबन करने का आवेदन पेश किया था। जिस पर सीईओ जनपद महासमुंद ने 3 सदस्यीय समिति बनाकर जांच कराई थी। जांच में सामने आया कि आईसीआईसीआई बैंक महासमुंद खाता क्र. 084101000741 से 8 फरवरी 2021 को 48 हजार रुपए, 8 फरवरी 2021 को 20 हजार रुपए, 1 मार्च 2021 को 45 हजार रुपए गणेश साहू जो सरपंच का भाई है, को आनलाइन भुगतान तथा 18 मार्च 2021 को 45 हजार  रुपए, 30 जून 2021 को 44100 रुपए देवेंद्र साहू कांपा जो सरपंच का भतीजा है, को आनलाइन भुगतान, 11 जून 2020 को 70 हजार व 19 जून 2020 को 66150 रुपए की राशि हरषू किराना स्टोर्स रायपुर को आनलाइन भुगतान किया गया है। इस प्रकार से ग्राम पंचायत के वित्तीय संचालन छग पंचायत राज अधिनियम 1993 की धारा 40, उप धारा के प्रयोजन के लिए अवचार के अंतर्गत (ग), धारा 66 की उपधारा 2,3,4 तथा छग ग्राम पंचायत लेखा नियम 17 नियम 20 नियम 37 नियम 38 नियम 39 नियम 56 नियम 57 नियम 58 नियम 59 नियम 60 में प्रावधानों का उल्लंघन व अवहेलना है, जो वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में है। जांच प्रतिवेदन में कुछ मामलों में सचिव को उत्तरदायी माना गया है। उसके लिए पृथक से प्रशासनिक कार्यवाही का प्रावधान अन्य विधियों में निहित होने के कारण इस प्रकरण में शामिल नहीं किया जा रहा है।

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