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फेडरेशन के आव्हान पर कर्मचारी, अधिकारी रहेंगे 25 से 29 तक सामूहिक अवकाश पर

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महासमुंद। छग कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय आव्हान पर आंदोलन के द्वितीय चरण में कलम बंद काम बंद के तहत आगामी 25 से 29 जुलाई तक पांच दिवसीय कलमबद्ध आंदोलन होगा। उक्त बातें फेडरेशन की जिला संयोजक
श्रीमती एस चंद्रसेन ने प्रेसक्लब में आयोजित पत्रकारवार्ता में कही। उन्होंने कहा कि कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के नेतृत्व में केन्द्र के समान महंगाई भत्ता 34 प्रतिशत एवं सातवे वेतनमान के अनुरूप गृहभाड़ा भत्ता को लेकर 30 मई को हड़ताल की नोटिस मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव के नाम सौंपा गया। इसी प्रकार 29 जून को सामूहिक अवकाश लेकर समस्त जिला एवं विकासखंड मुख्यालय में धरना प्रदर्शन एवं महारैली की गई। तत्पश्चात आज पर्यन्त महंगाई भत्ता एवं गृहभाड़ा भत्ता को लेकर शासन स्तर पर कोई निर्णय नहीं आने के फलस्वरुप प्रदेश भर के कर्मचारी अधिकारी अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रमानुसार 25 से 29 जुलाई तक सामूहिक अवकाश लेकर कलमबंद काम बंद के तहत आंदोलन में उतरने को बाध्य होना पड़ रहा है । इसके बाद भी शासन के द्वारा निर्णय नहीं लिये जाने की स्थिति में फेडरेशन के आव्हान पर अगस्त 2022 में अनिश्चितकालीन हड़ताल में जाने के लिये बाध्य होंगे। आगे कहा कि इसके पूर्व आंदोलन के प्रथम चरण में दिसंबर 2020 से सितंबर 2021 तक वेतन विसंगित पदोन्नति क्रमोन्नति, समयमान, अनियमित कर्मचारियों की बहाली, चार स्तरीय पदोन्नत वेतनमान, छ.ग. वेतन पुननरीक्षण नियम 2017 के तहत मूल वेतन के आधारपर 10 प्रतिशत गृहमाड़ा भत्ता, पुरानी पेंशन सहित 14 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन किया जा चुका है। वर्तमान में केन्द्र सरकार के द्वारा 34 प्रतिशत महंगाई भत्ता एवं सातवे वेतनमान के अनुरूप गृहमाड़ा भत्ता दिया जा रहा है। 2019 से राज्य सरकार द्वारा लगातार महंगाई भत्ते में कटौती की गई जिससे कर्मचारी अधिकारियों को हजारों रुपये का नुकसान प्रतिमाह उठाना पड़ रहा है। वर्ष 2016 में सातवे वेतनमान का प्रारूप आया. छ.ग. वेतन पुनरीक्षण नियम 2017 के मूलवेतन के आधार पर 10 प्रतिशत गृहभाड़ा भत्ता अन्य भत्तों की स्वीकृति आदेश हेतु फेडरेशन द्वारा मांग की जा रही है । लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है कि आज भी छ.ग. के कर्मचारी अधिकारियों को छठवें वेतनमान का गृहभाड़ा भत्ता नहीं दिया जा रहा है जिससे प्रदेश भर के कर्मचारी अधिकारियों में आक्रोश व्याप्त है। वर्तमान में केन्द्र शासन के कर्मचारियों को 34 प्रतिशत भत्ता के साथ लगभग 16 प्रतिशत एवं प्रतिवर्ष महंगाई भत्ता का 25 प्रतिशत गृहभाड़ा भत्ता में बढ़ोत्तरी की जा रही है। उक्त स्थिति से राज्य शासन के कर्मचारियों को प्रतिमाह हजारों रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। पत्रकारवार्ता में टेकराम सेन, श्री गोस्वामी, चमनलाल चंद्राकर, मनीष ठाकुर सहित अन्य संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे।

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