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नपाध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास ध्वस्त, शहरी सत्ता में कांग्रेस का कब्जा बरकरार

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महासमुंद। सरायपाली नपाध्यक्ष अमृत पटेल के खिलाफ पार्षदों द्वारा लाया गया अविश्वास प्रस्ताव आज हुए फ्लोर टेस्ट में ध्वस्त हो गया। अमृत पटेल नपाध्यक्ष की कुर्सी पर बने रहेंगे। सरायपाली के भाजपा पार्षदों ने 27 जुलाई को तख्ता पलटने के लिए कलेक्टर को आवेदन देते हुए पालिकाध्यक्ष अमृत पटेल पर दायित्वों का निवर्हन न करने और दुव्र्यहार का आरोप लगाया था। आज फ्लोर टेस्ट कराया गया। सुबह 11 बजे से शुरु हुई अभिमत की प्रक्रिया दोपहर साढ़े 12 बजे तक चली। इनमें 15 पार्षदों में 14 पार्षद उपस्थित रहे वहीं वार्ड 14 की पार्षद सुशीला गंगाराम पटेल अनुपस्थित रहीं। अमृत पटेल के पक्ष में 7 और अविश्वास के पक्ष में 7 वोट पड़े। जबकि अविश्वास प्रस्ताव पास होने के लिए भाजपा को 9 मत की जरूरत थी। निर्वाचन अधिकारी संयुक्त कलेक्टर दुर्गेश वर्मा ने बताया कि चुनाव में उपस्थित सदस्यों की संख्या का दो तिहाई मत अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले पक्ष को चाहिए था। लेकिन मतदान के दौरान दोनों पक्षों को 7-7 वोट मिले। एक पार्षद अनुपस्थित रहीं। जिससे पार्षदों द्वारा लाया गया अविश्वास प्रस्ताव ध्वस्त हो गया। बता दें कि 15 पार्षदों वाली सरायपाली नगर पालिका में कुल 3 पार्षद कांग्रेस समर्थित और 9 भाजपा समर्थित पार्षद थे। इनमें कुछ माह पूर्व 2 पार्षदों को भाजपा ने पार्टी से हटा दिया है जिससे अब पालिका में निर्दलीय पार्षदों की संख्या पांच हो गई है।

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