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नए शिक्षा सत्र में पढ़ाई के लिए ऑफलाइन के साथ 9 विकल्प
्र00 आवश्यकता पडऩे पर किया जाएगा उपयोग, उदेश्य पढ़ाई प्रभावित ना हो

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महासमुंद। आगामी 16 जून से जिले में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत होगी। कोरोना काल की वजह से पढ़ाई प्रभावित हुई थी। इसको ध्यान में रखकर नए सत्र में 1420 सरकारी स्कूलों में कक्षा पहली से 12 वीं तक के लगभग सवा लाख विद्यार्थियों की पढ़ाई के लिए शिक्षा विभाग ने ऑफलाइन के अलावा 9 विकल्प का चयन किया है। ताकि पढ़ाई निरंतर चलती रहे।
स्कूलों में शिक्षा सत्र की शुरुआत ऑफलाइन क्लास से होगी और इसे प्राथमिकता भी दी जाएगी। हालांकि कोर्स पूरा कराने नई तकनीक का सहारा लेकर शिक्षक बच्चों को पढ़ाएंगे। शिक्षा में नई तकनीक का प्रयोग कर विभिन्न नवाचारी शैक्षिक गतिविधियों को किस प्रकार से प्रयोग में लाया जा सके तथा बच्चों को बेहतर एवं रोचक शिक्षा देने नया प्रयोग किस प्रकार किया जा सके, इसको लेकर 24 से 27 मई तक मुंबई के टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज में बूट कैंप का आयोजन किया गया था। जिसमें मिजोरम, तेलंगाना एवं छत्तीसगढ़ तीनों राज्य के शिक्षा विभाग से जुड़े अफसर शामिल हुए।
ऑफलाइन के अलावा बुलटू के बोल समेत 9 विकल्प
चाकलिट एप से शिक्षा- इस एप में पाठ्यक्रम से जुड़ी जानकारियां रहती है। ऑनलाइन तकनीक से विद्यार्थी और शिक्षक दोनों इसका उपयोग कर सकते है। निष्ठा एप-शिक्षकों को इसमें छात्रों के विकास के लिए सरकार की ओर से संचालित विभिन्न नीतियों और योजनाओं के विषय में जानकारी दी गई है। मिस्ड कॉल गुरुजी-शिक्षक अपना मोबाइल नंबर अपने स्कूल के विद्यार्थियों को देंगे। जिसके बाद बच्चे समस्या के समाधान के लिए शिक्षक को मिस्डकॉल करेंगे। बुलटू के बोल-सामान्य की-पेड वाले मोबाइल से भी पाठ्यक्रम संबंधित ऑडियो बनाकर एक मोबाइल से दूसरे मोबाइल मे ब्लूटूथ के माध्यम से भेज कर बच्चों को पढ़ा सकते हैं। सोशल मीडिया-सोशल मीडिया में ग्रुप बनाकर क्लासवार विद्यार्थियों को जोड़ा जाएगा। ऑनलाइन क्लासेस-कोरोना काल के दौरान ऑनलाइन क्लास का ट्रेंड शुरू हुआ था। इसलिए भविष्य के लिए यह विकल्प भी रखा गया है। स्मार्ट क्लासेस प्रोजेक्टर- प्रोजेक्टर के माध्यम से किसी भी चीज को बेहतर ढंग से बच्चों को बताकर समझाया जा सकता है। आगामेटेड रियलिटी-चलचित्र के माध्यम से बच्चों को बेहतर से समझाने के लिए इस विकल्प का उपयोग किया जाता है। अटल टिंकरिंग लैब- अटल टिकरिंग लैब संचालित है।
वर्जन
नए शिक्षा सत्र में पढ़ाई पूरी तरह से ऑफलाइन के माध्यम से ही होगी। हालांकि भविष्य कोरोना संकट की स्थिति निर्मित होती है तो कोरोनाकाल में बच्चों की पढ़ाई के लिए तैयार की गई ऑनलाईन क्लास के लिए तैयार किए गए विकल्पों का उपयोग भी किया जाएगा।
एस चंद्रसेन- डीईओ शिक्षा विभाग महासमुंद

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