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जहरीली शराब के विरुद्ध आवाज उठा रहे आप सांसदों का निलंबन लोकतंत्र की हत्या:आम आदमी पार्टी

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महासमुन्द। आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओ ने शनिवार को शहर के नेहरू चौक मे आम आदमी पार्टी के सांसदों के निलंबन के विरुद्ध प्रदर्शन कर उपराष्ट्रपति के नाम से नायब तहसीलदार बंछोर को ज्ञापन सौपा। इस अवसर पर कार्यकर्ताओ को सम्बोधित करते हुए जिलाध्यक्ष भूपेंद्र चंद्राकर ने कहा संसद में मानसून सत्र में लगातार हंगामे की वजह से जनहित से जुड़े वे तात्कालिक मुद्दे पीछे छूट रहे हैं, जो कि संवेदनशील हैं। संसद में लगातार आप सांसदों की मांग है कि गुजरात में जहरीली शराब से मौते हो रही उसका जिम्मेदार कौन ? है,भाजपा कि सरकार कहती है गुजरात में शराब बिक्री नहीं होती। विपक्ष महंगाई, जहरीली शराब,अग्निपथ योजना, जीएसटी पर संसद में चर्चा चाहता है जिसकी आवाज बुलंद करने पर आप सांसदों को निलंबित कर दिया गया है। निलंबन समाप्त कर संसद में इन मुद्दों पर चर्चा हो।इस विषय पर लंबी चर्चा की जरूरत है। बिना चर्चा के विधेयकों को पारित करने की मजबूरी है, तो संसद का उद्देश्य ही सवालों के घेरे में होगा। संसद के मानसून सत्र में मुद्दों के साथ विवादों की बारिश हो रही है. सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच टकराव के चलते पिछले एक हफ्ते से लोकसभा और राज्यसभा दोनों जगह कोई उत्पादक काम नहीं हो पाया है. इसी तरह से संसद चली, तो क्या उसका वास्तविक उद्देश्य बचा रहेगा ? संसद ही वह जगह है, जहां देश के सामने खड़े बड़े मुद्दों, चुनौतियों, समस्याओं पर खुलकर चर्चा होनी चाहिए, हर विधेयक पर कानून बनने के पहले घंटों विचार-विमर्श उसे एक बेहतर और व्यावहारिक कानून बनाने में मदद करेंगे। पिछले कई सालों से हो वही रहा है कि ज्यादातर अहम विधेयक हंगामे के बीच ध्वनिमत से पारित हो रहे हैं. इससे जुड़ी याचिकाएं अदालतों में पहुंच रहीं हैं. विधायिका और न्यायपालिका के बीच लक्ष्मण रेखा की चिंता भी सरकार कई बार अदालत के सामने जाहिर कर चुकी है, संसद में मौजूदा टकराव दरअसल इस बात को दिखाता है कि सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कटुता कितनी ज्यादा बढ़ चुकी है। प्रश्नकाल काम रोको प्रस्ताव, नियम 55 के तहत आधे घंटे की चर्चा के लिए नोटिस देने के अधिकार जैसे रास्ते हैं। संसद को सुचारू रूप से नहीं चलने देना देश के साथ अन्याय है। सत्ता पक्ष को भी इसमें पहल करनी होगी. सरकार को जरूरी और राष्ट्रीय मुद्दों पर घेरने की जगह उसके नीचा दिखाने, कमजोर करने और उपलब्धियों को धुंधला करने की कोशिश में हंगामा करना सही रास्ता नहीं हो सकता। केवल हल्ला हंगामा करना किसी मुद्दे पर विपक्ष की चिंता का प्रमाण नहीं होता। संसद सत्र कैसे उत्पादक बने, ये दोनों पक्षों को बैठकर तय करना ।
आम आदमी पार्टी यह मांग करती है कि हमारे सभी राज्य सभा सांसदों का निलंबन समाप्त कर उपरोक्त मुद्दो पर चर्चा की जाय।
आज के प्रदर्शन मे प्रमुख रूप से भूपेन्द्र चंद्राकर, अभिषेक जैन,संजय यादव,संतोष चंद्राकर सकिल खान,राकेश झाबक,कुलेश्वर पटेल,सुनील ठाकुर, कादिर चौहान,पूनाराम निषाद, गंगा राम कुर्रे आदि आम आदमी पार्टी कार्यकर्त्ता शामिल रहे।

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