Friday, December 2, 2022
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छगवासियों के स्वाभिमान के लिए “स्वाभिमान यात्रा” : नन्दकुमार साय

भाजपा-कांग्रेस की ओछी राजनीति व और नेतृत्व विहीन परिस्थितियों के कारण इस यात्रा की जरूरत हुई है।



महासमुंद। छत्तीसगढ़ कर्ज में डूबता जा रहा है। रमन सिंह के शासनकाल में लगभग 42 हजार करोड रुपए का कुल कर्ज था। यह बढ़कर 1 लाख 3 हजार करोड़ रुपए के करीब पहुंच चुका है। कर्ज में डूबा प्रदेश और कर्ज में डूबी जनता कभी स्वाभिमान से सर नहीं उठा सकती। उक्त बातें रायपुर में आयोजित प्रेसवार्ता में छग भाजपा के दिग्गज और आदिवासी नेता नन्दकुमार साय ने रायपुर में आयोजित पत्रकारवार्ता में कही।
छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव से पूर्व भाजपा के दिग्गज और आदिवासी नेता नंद कुमार साय पार्टी की लीक से हटकर सक्रिय हुए हैं। उन्होंने राष्ट्रीय स्वाभिमान पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व विधायक वीरेंद्र पाण्डेय के साथ मिलकर छग वासियों के स्वाभिमान के लिए प्रदेश में आगामी दिनों में “स्वाभिमान यात्रा’ निकालने की घोषणा की। रविवार को रायपुर में आयोजित प्रेसवार्ता में पत्रकारों को बताया कि यात्रा की शुरुआत दिवाली बाद पेण्ड्रा से होनी है। इस यात्रा के केंद्र बने नंदकुमार साय ने प्रेस से चर्चा में कहा कि गठन के दशकों बीत जाने के बाद आज छत्तीसगढ़ के स्वाभिमान की रक्षा करने की आवश्यकता आ गई है। भाजपा और कांग्रेस की ओछी राजनीति और नेतृत्व विहीन परिस्थितियों के कारण इस यात्रा की जरूरत हुई है। समाज के सज्जन, ईमानदार और चरित्रवान कार्यकर्ताओं और नेतृत्वकर्ताओं के साथ छत्तीसगढ़ के स्वाभिमान की रक्षा करने, छत्तीसगढ़ को सोने की चिड़िया बनाने के उद्देश्य से आमूलचूल परिवर्तन करने का लक्ष्य लेकर स्वाभिमान यात्रा का आयोजन तय हुआ है। यात्रा में छत्तीसगढ़ के लोगों को सम्मानजनक जिंदगी और इज्जत की रोटी की व्यवस्था पर बात होगी।
दोनों पार्टियों ने नहीं निभाया वादा:पांडेय
छत्तीसगढ़ वित्त आयोग के पूर्व अध्यक्ष वीरेंद्र पांडेय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में जो राजनीतिक दल सत्ता में आए। उन्होंने दाने- दाने की खरीद का वादा किया था, लेकिन 14 क्विंटल 80 किलो से अधिक खरीदा ही नहीं जा रहा है। पूर्ववर्ती रमन सिंह सरकार की वजह से चिटफंड कंपनियों हजारों करोड़ रुपए लेकर भाग गई। कांग्रेस ने पूरा पैसा लौटाने का वादा किया था, लेकिन वह ऐसा नहीं कर रही है। दैनिक वेतन भोगियों को निश्चित मानदेय भी नहीं दिया जाता। शराबबंदी नहीं हो पा रही है। छत्तीसगढ़ में अंधाधुंध जंगलों की कटाई का दुष्परिणाम यह हो गया है कि आज नक्सलियों से ज्यादा बड़ी समस्या छत्तीसगढ़ के हाथी, तेंदुए, भालू और बंदर हो गए हैं। लोगों को जान बचाना मुश्किल हो रहा है। वीरेंद्र पाण्डेय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता ने कांग्रेस और भाजपा के नेतृत्व में सरकारों के कामकाज को देख और परख लिया है। आम जनता खुद को हताश और परेशान महसूस कर रही है। नेता व्यवसायी हो गए हैं। सत्ता के माध्यम से लूट खसोट करना और किसी भी कीमत पर खुद को बनाए रखना ही आज की राजनीति का अंतिम लक्ष्य है। इन्हीं बातों के मद्देनजर स्वाभिमान यात्रा की शुरुआत की जा रही है। हम समाज के ईमानदार और चरित्रवान लोगों के साथ नए लड़ाके और नए औजार तैयार करेंगे। भाटापारा के पूर्व विधायक नरेंद्र कुमार शर्मा, पूरन छाबरिया और अधिवक्ता सतीश कुमार त्रिपाठी ने भी अपनी बात कही।
संतो की उपस्थिति में होगा यात्रा का आगाज
स्वाभिमान यात्रा-छत्तीसगढ़ के संयोजकों में से एक सतीश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि अभी यात्रा की तिथि और रूट तय नहीं हुआ है। अभी तय हुआ है कि दिवाली के बाद इसकी शुरुआत पेण्ड्रा रोड-अमरकंटक से कर दी जाए। जिस दिन यात्रा की शुरुआत होगी उस दिन मध्य प्रदेश के रिटायर्ड आईएएस अधिकारी वरदमूर्ति मिश्रा के अलावा साधु-संत भी वहां मौजूद रहेंगे। इस यात्रा के लिए एक विशेष रथ तैयार किया जा रहा है। नंद कुमार साय पूरी यात्रा में मौजूद रहेंगे। कोशिश है कि यह यात्रा प्रदेश के सभी गांवों तक पहुंचे।

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